लॉकडाउन के संकट में दिल्ली सरकार ऐसे कर रही गरीबों और किसानों की मदद

लॉकडाउन के संकट को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने गरीबों और किसानों के हित में उठाये अहम कदम Delhi Corona Lockdown Schemes

Delhi Corona Lockdown Schemes
Delhi Corona Lockdown Schemes

कोरोना लॉकडाउन के दौरान दिल्ली सरकार की गरीबों और किसान के लिए योजनाएँ

कोरोना महामारी के कारण जहां पूरी दुनिया के ऊपर संकट मंडराने लगा है, तो वहीं इससे बचाव के लिए भारत देश में 21 दिनों का लॉकडाउन का भी काफी प्रभाव पड़ रहा है। कहने को यह फैसला देश और समाज हित के लिए है, लेकिन इसके कई ऐसे पहलू भी सामने आ रहे हैं, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और समाज का लगभग हर वर्ग इससे प्रभावित हो रहा है। आम लोगों की इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं, सरकार के इस कदम के चलते लोगों को इन विपरीत परिस्थितियों में काफी राहत मिल रही है, आज हम आपको दिल्ली सरकार के ऐसे ही कुछ फैसलों के बारे में बताएंगे। 

मुफ्त राशन की व्यवस्था

लॉकडाउन के संकट को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली में रहने वाले सभी लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था का ऐलान किया । इस फैसले के तहत सरकार ने 72 लाख नए लोगों के लिए राशन का कोटा बढ़ाया और इन विपरीत हालात में हर व्यक्ति को 7.5 किलो राशन फ्री राशन दिया जा रहा है। प्रदेश के कुल 78 लाख परिवारों को सरकार के इस कदम का लाभ मिल रहा है। केजरीवाल सरकार ने यह स्कीम 30 मार्च को शुरू कर दी थी, जो लॉकडाउन की अवधि तक जारी रहेगी। सरकार ने यह भी फैसला लिया, कि जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी सरकार की तरफ से राशन उपलब्ध कराया जाएगा।

बेघरों के लिए कैंप बनाए

दिल्ली सरकार ने राज्य में रह रहे बेघर और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए व्यापक व्यवस्था की है। ऐसे लोगों के लिए अलग से कैंप बनाए गए हैं, जिनमें इन्हें रहने की जगह दी गई है। सरकार ने 500 से अधिक स्कूलों और 238 रैन बसेरों बेघर लोगों के रहने की व्यवस्था की है। यहां प्रतिदिन लगभग 4 लाख लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है। इन लाभान्वितों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो दूसरे राज्यों से आकर दिल्ली में रह रहे है। 

हेल्थ स्टाफ के लिए बड़ा ऐलान

दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के रोगियों का इलाज करने वाले डॉक्टरों और नर्सों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने फैसला किया है, कि अगर किसी रोगी का इलाज करते वक्त डॉक्टर, नर्स या फिर स्वच्छता कर्मी की मौत हो जाती है, तो सरकार के द्वारा उसके परिजनों को मुआवजे के तौर पर एक करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी। वह स्टाफ चाहे सरकारी हो या निजी हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, यह राशि सरकार के मद से मुहैया कराई जाएगी।

रिक्शा और ऑटो चालकों की मदद

दिल्ली सरकार ने लॉक डाउन से प्रभावित दिल्ली के ऑटो-टैक्सी व ई-रिक्शा चालकों को पांच पांच हजार रुपये देने का फैसला किया है, आपको बतादें, कि लॉकडाउन की वजह से दिल्ली के ऑटो और टैक्सी बंद हो गए हैं, और इनके चालकों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है, जिसे देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया, कि सभी ऑटो, टैक्सी, ई-रिक्शा, आरटीवी और ग्रामीण सेवा सार्वजनिक वाहन के ड्राइवरों को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे. यह रकम उनके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

कई और वर्गों को भी सौगात

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने निर्माण क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों की भी सुध ली है, और जो मजदूर काम के अभाव में बेगार हो गए हैं उनके खाते में पांच पाच हजार रुपये डालने का फैसला लिया है। अब तक लगभग 40 हजार ऐसे मजदूरों के खाते में यह राशि पहुंचाई जा चुकी है। इसके साथ ही केजरीवाल सरकार ने अलग अलग पेंशन को भी बढ़ाकर सीधा दोगुना कर दिया है। लॉकडाउन की अवधि तक विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांगों को डबल पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रदेश के सभी मकान मालिकों से यह भी अपील की, कि वह आने वाले तीन महीने तक अपने किरायदारों पर किराय के लिए दबाव नहीं बनाएं। 

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